जब आस पास के कई रिव्यू में दाम की शिकायत होती है, तो ग्राहक बिल को लेकर चिंता करते हैं। अपने असली दाम अपनी लिस्टिंग पर डालिए, और अगर आप खाना परोसते हैं तो मेन्यू पर भी। जो ग्राहक आने से पहले दाम जानता है, उसे ठगे जाने का एहसास कम होता है। किसी दूसरी दुकान के दाम के बारे में कभी बात मत कीजिए।
मीना जी बस स्टैंड के पास दक्षिण भारतीय खाने की छोटी दुकान चलाती हैं। पास की जगहों के रिव्यू में बार बार लिखा था “बिल बहुत ज़्यादा था” और “दाम लिखे नहीं थे”।
मीना जी के दाम ठीक थे, पर वो सिर्फ़ अंदर एक बोर्ड पर लिखे थे। ऑनलाइन कोई उन्हें देख नहीं सकता था।
उन्होंने अपनी Google लिस्टिंग पर दाम के साथ अपना मेन्यू डाला। उन्होंने अपने डिस्क्रिप्शन में अपनी थाली का दाम भी लिखा।
यह एक उदाहरण है, दुकान और नाम काल्पनिक हैं।
खुद ठीक कीजिए
- पहले अपने रिव्यू देखिए। अगर आपके ग्राहक भी दाम की शिकायत करते हैं, तो कुछ भी डालने से पहले उस पर ध्यान दीजिए।
- अपने असली दाम लिख लीजिए। वही दाम लिखिए जो ग्राहक सच में देता है। अगर टैक्स या पैकिंग अलग से है, तो बताइए।
- दाम अपनी लिस्टिंग पर डालिए। अपनी Business Profile खोलिए और Edit profile दबाइए। अपने बिज़नेस के हिसाब से Menu, Products या Services ढूँढिए। हमारी सर्विस लिस्ट वाली गाइड में तरीका है।
- अगर आप खाना परोसते हैं, तो मेन्यू डालिए। छपे हुए मेन्यू की साफ़ फ़ोटो से भी मदद मिलती है। ध्यान रखिए कि दाम पढ़ने में आएँ।
- अपने डिस्क्रिप्शन में एक सीधी लाइन जोड़िए। जैसे, “पूरा खाना ₹120 से।” अपना असली दाम लिखिए।
- दाम हमेशा नए रखिए। जब कोई दाम बदले, तो उसी दिन ऑनलाइन भी बदलिए।
ये नियम याद रखिए
- वही दाम दिखाइए जो लोग सच में देते हैं। कोई छिपा हुआ खर्च नहीं।
- कभी मत कहिए कि कोई दूसरी दुकान महँगी है।
- ऐसा दाम कभी मत डालिए जिसे आप निभा न सकें।
आम सवाल
मेरे दाम आस पास वालों से ज़्यादा हैं। क्या फिर भी दिखाने चाहिए?
हाँ। बताइए कि उस दाम में ग्राहक को क्या मिलता है। जब लोग वजह जानते हैं, तो ज़्यादा पैसे देते हैं।
अगर मेरे दाम हर हफ़्ते बदलते हैं तो?
शुरुआती दाम दिखाइए, जैसे “₹80 से”। जब दाम बहुत बदले, तब इसे बदलिए।
क्या दाम दिखाने से ज़्यादा ग्राहक आएँगे?
इसका वादा कोई नहीं कर सकता। इससे फ़ैसला कर रहे ग्राहक की एक चिंता दूर होती है।

