कई दुकानों की गूगल लिस्टिंग में बस एक लाइन लिखी होती है कि दुकान क्या करती है। ग्राहक फ़ोन करने से पहले थोड़ा और जानना चाहता है। कुछ लोग फ़ोन करके पूछ लेते हैं। बहुत से लोग फ़ोन ही नहीं करते। वे उस दुकान को चुन लेते हैं जिसकी लिस्टिंग पहले से जवाब दे रही हो। अपनी सर्विस और प्रोडक्ट लिस्टिंग में डाल दीजिए। करीब बीस मिनट लगते हैं।
गणेश की AC रिपेयर की दुकान है। उनकी गूगल लिस्टिंग में बस लिखा है "AC repair"। दिन भर फ़ोन आते हैं, और सवाल वही। "Split AC ठीक करते हो?" "फ़्रिज की सर्विस करते हो?" "गैस भरवाने का कितना लगेगा?"
ये तो वो ग्राहक हैं जो फ़ोन करते हैं। बाकी लोग "split AC service near me" खोजते हैं, गणेश की लिस्टिंग देखते हैं, और फिर भी समझ नहीं पाते कि वे ये काम करते हैं या नहीं। तो वे बगल वाली दुकान पर टैप कर देते हैं, जिसकी लिस्टिंग में लिखा है "Split AC सर्विस, ₹500 से शुरू", और साथ में काम की फ़ोटो भी है।
अपना बिज़नेस स्कैन करें। देखें, ऑनलाइन आप कितने नज़र आते हैं। क्या पास के ग्राहक आपको ढूँढ पाते हैं, या बगल वाली दुकान को? Viabe Pulse से अपनी ऑनलाइन मौजूदगी जाँचें। दिनों में नहीं, मिनटों में।
पहला कदम: सर्विस वाला हिस्सा खोलिए
- अपनी गूगल लिस्टिंग खोलिए (गूगल पर अपनी दुकान का नाम खोजिए, या Google Business Profile ऐप खोलिए)।
- Edit profile दबाइए।
- वहाँ Services ढूँढिए। कुछ दुकानों को Products भी दिखता है।
- गूगल आपके काम के हिसाब से कुछ सर्विस खुद सुझा सकता है। जो काम आप सच में करते हैं, बस उन्हीं पर टिक लगाइए।
दूसरा कदम: अपनी सर्विस खुद जोड़िए
हर काम को अलग सर्विस बनाकर डालिए। सब कुछ एक ही लाइन में मत लिखिए।
गणेश के लिए इसका मतलब है: split AC सर्विस, window AC सर्विस, AC गैस रिफ़िल, AC लगाना, फ़्रिज रिपेयर, वॉशिंग मशीन रिपेयर।
हर सर्विस के लिए:
- नाम आसान शब्दों में लिखिए। वही शब्द जो ग्राहक खोजते हैं, जैसे "AC गैस रिफ़िल"। भारी तकनीकी नाम नहीं।
- एक छोटा सा विवरण लिखिए। एक या दो लाइन। आप क्या करते हैं, और कौन से ब्रांड या साइज़।
- चाहें तो शुरुआती दाम लिखिए। "₹500 से" इतना काफ़ी है। अगर दाम बहुत बदलता है, तो छोड़ भी सकते हैं।
तीसरा कदम: सामान बेचते हैं तो प्रोडक्ट डालिए
अगर आप AC स्टैंड, स्टेबलाइज़र या रिमोट जैसा सामान भी बेचते हैं, तो उन्हें Products में डालिए। फ़ोटो, नाम और एक छोटी लाइन के साथ। ग्राहक दुकान आने से पहले ही देख लेता है कि आपके पास क्या मिलता है।
चौथा कदम: अपने असली काम की फ़ोटो डालिए
ऐसी फ़ोटो डालिए जो आपकी सर्विस से मेल खाएँ। Split AC की सफ़ाई होते हुए। ठीक किया हुआ फ़्रिज। किसी ग्राहक की बिल्डिंग के बाहर आपकी गाड़ी। अपने काम की असली फ़ोटो, इंटरनेट से उठाई हुई नहीं।
पाँचवाँ कदम: रोज़ के सवालों के जवाब विवरण में लिखिए
बिज़नेस के विवरण वाली जगह पर वो बातें लिखिए जो लोग रोज़ पूछते हैं। जैसे: "हम split और window AC, फ़्रिज और वॉशिंग मशीन की रिपेयर और सर्विस करते हैं। सभी ब्रांड। अंधेरी, जोगेश्वरी और गोरेगांव में घर आकर काम करते हैं।"
छोटा, सीधा और सच।
छठा कदम: लिस्टिंग ताज़ा रखिए
महीने में एक बार अपनी लिस्टिंग खोलिए और उसे ग्राहक की नज़र से पढ़िए। कोई नई सर्विस शुरू की? कोई दाम बदला? कोई काम बंद किया? उसी दिन ठीक कर दीजिए।
गणेश अब हर महीने के पहले रविवार को दस मिनट अपनी लिस्टिंग पर लगाते हैं। अब उनकी लिस्टिंग वही बताती है जो उनकी दुकान सच में करती है।
पता नहीं ग्राहक क्या देखते हैं? Viabe Pulse आपकी गूगल लिस्टिंग, वेबसाइट, लिस्टिंग साइट, और जहाँ मिलें वहाँ Instagram और Facebook पेज को पास की दुकानों के मुकाबले देखता है, और बताता है कि पहले क्या ठीक करें। अपना बिज़नेस स्कैन करें। पूरा स्कैन ₹499 + GST।
स्रोत: Google Business Profile Help।

