लोग कभी कभी X पर, यानी उस ऐप पर जिसे पहले Twitter कहते थे, किसी बिज़नेस के बारे में पोस्ट करते हैं। यह तारीफ़, सवाल या शिकायत हो सकती है। छोटा और नरम जवाब दूसरों को दिखाता है कि आप सुनते हैं। अपने अकाउंट से, अपने शब्दों में जवाब दीजिए, और शांत रहिए।
विक्रम जी एक टेक पार्क के पास छोटा कैफ़े चलाते हैं। एक ग्राहक ने X पर लिखा: “कॉफ़ी बढ़िया थी, पर wifi बार बार जा रहा था।”
विक्रम जी का X पर अकाउंट नहीं था, इसलिए उन्होंने यह पोस्ट कभी देखी ही नहीं। दूसरे लोगों ने देखी।
उन्होंने अकाउंट बनाया और जवाब दिया: “आने के लिए धन्यवाद। wifi के लिए माफ़ी। हमने उसे ठीक कर दिया है। आपसे फिर मिलने की उम्मीद है।” ग्राहक को उनका जवाब पसंद आया।
यह एक उदाहरण है, दुकान और नाम काल्पनिक हैं।
खुद ठीक कीजिए
- X पर अपने बिज़नेस का नाम सर्च कीजिए। अपने इलाके का नाम और अपने बिज़नेस का प्रकार साथ में लिखकर भी सर्च कीजिए।
- पोस्ट पूरी पढ़िए। देख लीजिए कि वो सच में आपके बिज़नेस के बारे में है।
- तय कीजिए कि जवाब देना है या नहीं। तारीफ़, सवाल और सही शिकायत का जवाब दीजिए। बदतमीज़ी वाली पोस्ट या बहस छोड़ दीजिए।
- जवाब छोटा और नरम रखिए। धन्यवाद कहिए। कुछ गलत हुआ हो तो माफ़ी माँगिए। बताइए कि आपने उसके बारे में क्या किया।
- निजी बातें फ़ोन पर ले जाइए। अपनी दुकान का नंबर दीजिए। सबके सामने कभी उनका फ़ोन नंबर मत माँगिए।
- अपने शब्दों में लिखिए। हर पोस्ट के नीचे एक ही जवाब पेस्ट मत कीजिए।
- हफ़्ते में एक बार X देखिए। इसे अपने हर हफ़्ते के लिस्टिंग रूटीन में जोड़ लीजिए।
ये नियम याद रखिए
- सबके सामने कभी बहस मत कीजिए।
- किसी ग्राहक की निजी जानकारी कभी शेयर मत कीजिए।
- किसी और बिज़नेस का नाम लेकर कभी उसे दोष मत दीजिए।
- अपनी झूठी तारीफ़ कभी पोस्ट मत कीजिए।
आम सवाल
X इस्तेमाल नहीं करते। क्या इसकी ज़रूरत है?
हमेशा नहीं। पर अगर लोग वहाँ आपके बारे में लिखते हैं, तो जवाब देने से मदद मिलती है। आप Google पर भी जवाब दे सकते हैं। हमारी गाइड Google रिव्यू का जवाब कैसे दें देखिए।
अगर पोस्ट सच नहीं है तो?
एक बार शांति से सच बताइए। फिर बात फ़ोन पर ले जाइए।
क्या जवाब देने से ऑनलाइन मेरा नाम ठीक हो जाएगा?
इसका वादा कोई नहीं कर सकता। इससे पढ़ने वालों को दिखता है कि आपको परवाह है और आप सुनते हैं।

