ग्राहक कुछ सेकंड में फ़ैसला करता है। यहाँ रुक सकता हूँ? बाइक कहाँ खड़ी करूँ? अंदर मुड़ भी पाऊँगा? अगर जवाब "नहीं" है, तो वो आगे बढ़ जाता है, उस जगह तक जहाँ रुकना आसान है। ऐसे ग्राहकों से आप कभी मिलते ही नहीं। आपको पता भी नहीं चलता कि वे आते आते रह गए।
रोहित को अपने फ़ैमिली रेस्टोरेंट के लिए एक चौड़ी मेन रोड पर जगह मिली। बड़ा सामने का हिस्सा, ठीक किराया, खूब ट्रैफ़िक। उन्होंने साइन कर दिया।
पर वीकेंड धीमे निकले। एक शनिवार रात वो बाहर खड़े होकर देखने लगे। बीच में डिवाइडर था, और मुड़ने की जगह काफ़ी दूर थी। सामने की गिनी चुनी पार्किंग बगल वाले जिम की गाड़ियों से भरी थी। परिवार धीमे होते, देखते, और सिग्नल के पार वाले रेस्टोरेंट चले जाते, जिसकी अपनी पार्किंग थी।
हफ़्ते के बीच की जिस सुबह रोहित ने जगह पहली बार देखी थी, तब सब एकदम ठीक लगा था।
उन घंटों में जाइए जब आपकी भीड़ होगी
तीन बार जाइए। हफ़्ते के बीच दोपहर को, हफ़्ते के बीच शाम को, और वीकेंड की शाम को। उस समय जाइए जब आपकी दुकान पर भीड़ होनी चाहिए, उस समय नहीं जो ब्रोकर को ठीक लगे। जो सड़क सुबह 11 बजे खाली लगती है, वो रात 8 बजे जाम हो सकती है। वहाँ रहते हुए भीड़ भी गिनिए।
साइन करने से पहले ये आसान जाँच कीजिए
1. पार्किंग गिनिए। भीड़ के समय, थोड़ा चलने की दूरी में कितनी बाइक और कारें रुक सकती हैं? अभी वहाँ कौन खड़ा होता है? "No Parking" के बोर्ड देखिए। आसपास की दुकानों से पूछिए कि टो वाली गाड़ी आती है या नहीं।
2. पूछिए कौन सी पार्किंग आपकी है। कुछ जगहों के साथ पार्किंग मिलती है, कुछ में बाँटनी पड़ती है, कुछ में होती ही नहीं। पूछिए कि लिखित में क्या है। जो जगह "सब इस्तेमाल करते हैं", वो छिन भी सकती है।
3. फ़ुटपाथ पर चलकर देखिए। पास के बस स्टॉप, मेट्रो या ऑटो स्टैंड से दरवाज़े तक पैदल आइए। क्या फ़ुटपाथ चौड़ा, सीधा और खाली है, या टूटा हुआ और ठेलों से भरा? बारिश के बाद भी एक बार जाइए। कॉफ़ी के लिए लोग कीचड़ में नहीं चलते।
4. मेन रोड से मुड़ने का रास्ता देखिए। दोनों तरफ़ से गाड़ी चलाकर आइए। क्या बीच में डिवाइडर है? सबसे पास का U टर्न कितनी दूर है? क्या सड़क वन वे है? क्या जगह सर्विस लेन पर या फ़्लाईओवर के नीचे है, जहाँ नज़र नहीं पड़ती? अगर एक तरफ़ की गाड़ियाँ आप तक आसानी से नहीं पहुँचतीं, तो आधा ट्रैफ़िक ही गिनिए। फिर दुकान के दरवाज़े पर 8 जाँच कीजिए।
5. डिलीवरी बाइक का ध्यान रखिए। ऑनलाइन ऑर्डर लेंगे, तो राइडर दिन में कई बार आएँगे। क्या तीन चार बाइक की जगह है, बिना आपका या पड़ोसी का दरवाज़ा रोके? पास में इंतज़ार करते किसी राइडर से पूछिए कि इस सड़क पर पिकअप कितना आसान है। उन्हें सब पता होता है।
6. दरवाज़े की सीढ़ियाँ गिनिए। एक सीढ़ी आसान है। तीन या ज़्यादा सीढ़ियों पर बुज़ुर्ग, छोटे बच्चों वाले माँ बाप, और खाना हाथ में लेकर निकलने वाले अटकते हैं। क्या रैंप की जगह है? बारिश में सीढ़ियों पर फिसलन तो नहीं? अगर जगह पूरी सीढ़ी चढ़कर ऊपर है, तो ग्राउंड फ़्लोर या पहली मंज़िल पढ़िए।
इसे लीज़ में लिखवाइए
सिर्फ़ बात काफ़ी नहीं है। ये बातें लीज़ में लिखवाइए:
- जगह के साथ मिलने वाली पार्किंग। कितनी जगहें, और कहाँ।
- इजाज़त। रैंप और बोर्ड लगाने की।
- सड़क का काम। अगर सामने की सड़क महीनों के लिए खुद जाए, तो कुछ मालिक उस समय किराया कम करने को मान जाते हैं। पूछिए।
सही शब्दों के लिए किसी वकील की मदद ले सकते हैं। बाकी शर्तें हमारी लीज़ चेकलिस्ट में हैं।
यह क्यों ज़रूरी है
जो ग्राहक रुक नहीं पाता, वो शिकायत करने फ़ोन नहीं करता। वो अगली जगह चला जाता है, और जल्दी ही वहीं जाने की आदत बना लेता है।
पार्किंग और रास्ता बताते हैं कि लोग रुक पाएँगे या नहीं। पता बताता है कि वे रुकना चाहेंगे या नहीं।
साइन करने से पहले पता जाँचें। Viabe Location Check एक पते को देखता है: आसपास के प्रतियोगी, सड़क पर कब और कितनी भीड़ रहती है, सही किराया, आसपास किस तरह के ग्राहक हैं, रिस्क और साफ़ जवाब। अपनी लोकेशन जाँचें। पूरी रिपोर्ट ₹2,999 + GST।
*रिपोर्ट अंग्रेज़ी में मिलती है।*

