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क्या आपका कैफ़े या रेस्टोरेंट इसमें समाएगा? किराए से पहले दुकान खुद नापिए

लिस्टिंग पर लिखा साइज़ हमेशा वो फ़र्श नहीं होता जो आपके काम आए। एक खंभा, नीची छत या पीछे की पतली जगह, आपकी सोची हुई जगह खा सकती है। साइन करने से पहले फ़ीता लीजिए, दुकान खुद नापिए और एक आसान नक्शा बनाइए। फिर हिसाब लगाइए कि काम आने वाली जगह के लिए आप असल में कितना दे रहे हैं।

शबनम जूस और सैंडविच का काउंटर खोलना चाहती थीं। ब्रोकर ने एक दुकान दिखाई। बोला, "400 स्क्वेयर फ़ुट है। काफ़ी जगह है।"

किराया था ₹40,000 महीना। 400 के हिसाब से ठीक लग रहा था।

अगले दिन वो अपनी कज़िन और एक नापने का फ़ीता लेकर आईं। दोनों ने दीवार से दीवार तक नापा। अंदर का फ़र्श करीब 300 स्क्वेयर फ़ुट निकला।

बात यहीं ख़त्म नहीं हुई। जहाँ वो काउंटर रखना चाहती थीं, ठीक वहीं एक मोटा खंभा था। पीछे की जगह इतनी पतली थी कि फ़्रिज रखते ही टॉयलेट का रास्ता बंद हो जाता।

यह एक उदाहरण है, आँकड़े काल्पनिक हैं।

पूछिए, इस नंबर में क्या क्या शामिल है

जब कोई कहे "400 स्क्वेयर फ़ुट", तो एक सवाल पूछिए। यह दीवारों के अंदर का फ़र्श है, या इसमें दीवारें और साझा जगह भी जुड़ी हैं?

लिस्टिंग के नंबर में दीवारें, सीढ़ी या कॉमन एरिया का हिस्सा भी जुड़ा हो सकता है। जहाँ आपका काउंटर और टेबल रखी जाएँगी, वो जगह इससे छोटी हो सकती है। मालिक से लिखवा लीजिए कि इस नंबर में क्या क्या शामिल है।

खुद नापिए

एक लंबा फ़ीता लीजिए और एक मददगार। थोड़ी देर का काम है।

  1. फ़र्श दीवार से दीवार तक नापिए। लंबाई और चौड़ाई। हर कमरा अलग से।
  2. सामने की चौड़ाई नापिए। दुकान का सामना एक तरफ़ से दूसरी तरफ़ तक कितना चौड़ा है? सड़क से लोगों को उतनी ही दुकान दिखती है।
  3. छत की ऊँचाई नापिए। पंखा, AC, लाइट और चूल्हे के ऊपर की चिमनी, सबको ऊपर जगह चाहिए। इन्हें बिजली भी चाहिए, इसलिए बिजली और पानी भी जाँचिए।
  4. हर खंभा और हर सीढ़ी ढूँढिए। उनकी जगह पर निशान लगाइए। गलत जगह का खंभा एक कमरे को दो हिस्सों में बाँट सकता है।
  5. दरवाज़े नापिए। क्या आपका फ़्रिज, ओवन और काउंटर उनसे अंदर जा पाएँगे?
  6. पीछे की जगह देखिए। माल रखने की जगह है? कचरा किधर से बाहर जाएगा?

हर दीवार और छत की फ़ोटो ले लीजिए। बाद में बहुत सी बातें भूल जाती हैं।

रोशनी और हवा भी देखिए

सिर्फ़ साइज़ सब कुछ नहीं है। छोटा कमरा भी खुला लग सकता है। बड़ा कमरा भी डिब्बे जैसा लग सकता है।

  • खिड़कियाँ गिनिए। क्या दोपहर में भी अंदर अंधेरा है? तो दिन भर लाइट का खर्च होगा।
  • हवा महसूस कीजिए। पीछे कोई खिड़की या रोशनदान है? गर्म, बंद कमरे में स्टाफ़ और ग्राहक दोनों परेशान होते हैं।
  • दीवारें देखिए। सीलन के धब्बे या दरारें रिसाव का निशान हो सकती हैं। पूछिए कि ठीक कौन कराएगा।

एक आसान नक्शा बनाइए

खानों वाला कागज़ लीजिए, या किसी पन्ने का पीछे वाला हिस्सा। दीवारें, खंभे, दरवाज़ा और खिड़कियाँ बनाइए। फिर वो सब बनाइए जो आपको चाहिए:

  • काउंटर और बिलिंग की जगह;
  • किचन या तैयारी की जगह;
  • बैठने या खड़े होकर खाने की जगह;
  • काउंटर के पास लाइन लगने की जगह;
  • सामान और फ़्रिज की जगह;
  • बर्तन धोने की जगह और टॉयलेट तक का रास्ता;
  • इतनी जगह कि स्टाफ़ एक दूसरे के पास से निकल सके।

अगर कागज़ पर नहीं समाता, तो दुकान में भी नहीं समाएगा।

शबनम ने उसी रात नक्शा बनाया। खंभे की वजह से दो सीट और एक फ़्रिज की जगह चली गई।

बाहर की जगह भी पूछिए

कुछ चीज़ों को दुकान के बाहर भी जगह चाहिए।

  • AC का बाहर वाला हिस्सा। पूछिए कि वो कहाँ लगेगा।
  • धुएँ का पाइप। अगर खाना बनेगा, तो पूछिए कि पाइप कहाँ से जाएगा। क्या इस दुकान में किचन बन सकता है, यह भी देखिए।
  • साइनबोर्ड। पूछिए कि बोर्ड कहाँ लगेगा और कितना बड़ा हो सकता है।

मालिक की हाँ साइन करने से पहले लिखित में लीजिए। लीज़ में और क्या लिखवाएँ, यह हमारी लीज़ चेकलिस्ट में है।

असली किराए का हिसाब लगाइए

शबनम के काल्पनिक आँकड़ों से एक आसान हिसाब।

  • किराया: ₹40,000 महीना।
  • ब्रोकर ने कहा 400 स्क्वेयर फ़ुट। यानी ₹100 प्रति स्क्वेयर फ़ुट।
  • काम आने वाली जगह नापी, करीब 300 स्क्वेयर फ़ुट। यानी करीब ₹133 प्रति स्क्वेयर फ़ुट।

किराया वही रहा। पर काम आने वाले हर फ़ुट के लिए वो एक तिहाई ज़्यादा दे रही हैं। उसी सड़क की दूसरी दुकानों से तुलना कीजिए, उन्हें भी इसी तरह नापकर। Viabe Location Check एक पते के लिए सही किराया भी दिखाता है।

आम सवाल

क्या बड़ी दुकान हमेशा बेहतर है?

नहीं। ज़्यादा जगह का मतलब ज़्यादा किराया, ज़्यादा स्टाफ़ और ज़्यादा बिजली भी हो सकता है। ऐसी दुकान चुनिए जिसमें आपका प्लान आराम से आ जाए, थोड़ी जगह बचाकर।

क्या अंदर आने के बाद बनावट बदल सकते हैं?

कभी कभी। साइन करने से पहले मालिक से पूछ लीजिए कि क्या बदल सकते हैं। खंभे और मुख्य दीवारें आम तौर पर अपनी जगह ही रहती हैं।

क्या साथ में कारपेंटर या डिज़ाइनर ले जाएँ?

हो सके तो हाँ। वो जल्दी बता सकते हैं कि काउंटर और किचन समाएँगे या नहीं।

यह क्यों ज़रूरी है

पूरी लीज़ में हर महीने आप किराया देंगे। पक्का कीजिए कि आप उस जगह का पैसा दे रहे हैं जो आपके काम आएगी।

साइन करने से पहले पता जाँचें। Viabe Location Check एक पते को देखता है: आसपास के कॉम्पिटिटर, सड़क पर कितनी भीड़ रहती है, सही किराया, रिस्क और साफ़ फ़ैसला। अपनी लोकेशन जाँचें। पूरी रिपोर्ट ₹2,999 + GST।

*आपकी Location Check रिपोर्ट अंग्रेज़ी में आएगी।*

जल्द लीज़ साइन करने वाले हैं?

Viabe Location Check लीज़ साइन करने से पहले एक पते को जाँचता है। कीमत Location Check पेज पर दिखती है। रिपोर्ट अंग्रेज़ी में मिलती है।