कई दुकानें अपनी गूगल लिस्टिंग बनाती हैं और वहीं रुक जाती हैं। लेकिन हर ग्राहक गूगल से नहीं खोजता। iPhone वाले Siri से पूछते हैं, और Siri Apple Maps खोलता है। जो लोग Microsoft Copilot से पूछते हैं, उन्हें जवाब Bing से मिलता है। अगर आपकी दुकान इन दोनों पर नहीं है, तो ये ग्राहक दूसरी दुकानें देखते हैं। दोनों जगह लिस्टिंग बनाने में पैसे नहीं लगते, और करीब एक घंटा लगता है।
निशा की स्टेशनरी की दुकान है। उनकी गूगल लिस्टिंग बढ़िया है। अच्छी फ़ोटो, सही टाइमिंग, ढेर सारे रिव्यू। पर Bing और Apple Maps पर उन्होंने कभी कुछ नहीं डाला। उन्हें लगा, इन्हें कौन इस्तेमाल करता है।
एक शाम एक पेरेंट अपने iPhone से कहते हैं, "Hey Siri, पास में स्टेशनरी की दुकान।" Apple Maps खुलता है। निशा की दुकान वहाँ है ही नहीं। दो गली दूर की एक दूसरी दुकान दिखती है, टाइमिंग और फ़ोन नंबर के साथ। पेरेंट वहीं चले जाते हैं।
एक कॉलेज की लड़की अपने लैपटॉप पर Copilot से पूछती है, "पास में चार्ट पेपर कहाँ मिलेगा?" Copilot Bing से पढ़कर जवाब देता है। Bing को निशा की दुकान का पता ही नहीं। वो दूसरे नाम बता देता है।
अपना बिज़नेस स्कैन करें। देखें, ऑनलाइन आप कितने नज़र आते हैं। क्या पास के ग्राहक आपको ढूँढ पाते हैं, या बगल वाली दुकान को? Viabe Pulse से अपनी ऑनलाइन मौजूदगी जाँचें। दिनों में नहीं, मिनटों में।
पहला कदम: Bing Places पर अपनी दुकान लीजिए
- bingplaces.com पर जाइए और साइन इन कीजिए।
- अपनी दुकान खोजिए। अगर Bing पर पहले से है, तो उसे अपने नाम कीजिए (claim)। नहीं है, तो नई जोड़िए।
- अगर आपकी Google Business Profile पहले से है, तो Bing आपकी जानकारी वहीं से ले सकता है (import)। इससे बहुत टाइपिंग बचती है।
- Bing पूछेगा कि दुकान आपकी है, इसका सबूत दीजिए। जो कदम वो दिखाए, बस उन्हें पूरा कीजिए।
दूसरा कदम: Apple Maps पर अपनी दुकान लीजिए
- businessconnect.apple.com पर जाइए और Apple Account से साइन इन कीजिए। ये वेब ब्राउज़र में खुलता है, तो कंप्यूटर से भी कर सकते हैं।
- अपनी दुकान खोजिए। है, तो claim कीजिए। नहीं है, तो जोड़िए।
- Apple भी पूछेगा कि दुकान आपकी है, इसका सबूत दीजिए। उसके कदम पूरे कीजिए।
तीसरा कदम: हर जगह एक जैसी जानकारी रखिए
दुकान का नाम, पता, फ़ोन नंबर और टाइमिंग, सब कुछ बिल्कुल वैसा ही हो जैसा गूगल पर है। वही स्पेलिंग। वही नंबर। वही खुलने का टाइम।
अगर गूगल पर लिखा है "Nisha Stationery, Shop 4" और Bing पर "Nisha Stationers, Shop No. 4", तो ग्राहक उलझ सकता है। सर्च वाले टूल भी उलझ सकते हैं। अपनी जानकारी गूगल से हूबहू कॉपी कीजिए।
चौथा कदम: फ़ोटो और सही कैटेगरी डालिए
जो कैटेगरी सबसे ठीक बैठे, वो चुनिए, जैसे "Stationery store"। फिर असली फ़ोटो डालिए। दुकान का सामने वाला हिस्सा, ताकि लोग सड़क से पहचान लें। अंदर की फ़ोटो, आपकी अलमारियों के साथ। और कुछ फ़ोटो उस सामान की जो आप बेचते हैं।
अपनी खुद की फ़ोटो डालिए, इंटरनेट से उठाई हुई नहीं।
पाँचवाँ कदम: महीने में एक बार दोनों देखिए
महीने में एक बार Bing Places और Apple Business Connect खोलिए। त्योहार की वजह से टाइमिंग बदली? नया फ़ोन नंबर लिया? गूगल, Bing और Apple, तीनों पर उसी दिन ठीक कीजिए।
अपनी दुकान को Bing और Apple Maps पर वैसे ही खोजिए जैसे ग्राहक खोजता है। देखिए उसे क्या दिखता है।
निशा अब हर महीने के पहले सोमवार को तीनों लिस्टिंग देखती हैं। पंद्रह मिनट लगते हैं। अब जो पेरेंट Siri से पूछते हैं, उन्हें निशा की दुकान भी मिलती है, सिर्फ़ दो गली दूर वाली नहीं।
पता नहीं ग्राहक क्या देखते हैं? Viabe Pulse आपकी गूगल लिस्टिंग, वेबसाइट, लिस्टिंग साइट, और जहाँ मिलें वहाँ Instagram और Facebook पेज को पास की दुकानों के मुकाबले देखता है, और बताता है कि पहले क्या ठीक करें। अपना बिज़नेस स्कैन करें। पूरा स्कैन ₹499 + GST।

